दसवीं की परीक्षा का रिजल्ट आने वाला है. ऐसे स्टूडेंट जिन्होंने इंजीनियरिंग या मेडिकल क्षेत्र में अपने भविष्य का सपना देखा है, वे अपने आप को मानसिक रूप से तैयार कर रहे हैं. वे जानते हैं कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए उन्हें कठिन प्रतियोगिता से गुजरना होगा. इसके लिए उन्हें एक स्पेशलाइज्ड गाइडेंस की आवश्यकता होगी जो उन्हें एक अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट से या फिर टीचर से ही मिल सकती है. एक अच्छे कोचिंग या टीचर के बारे में वे विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटा रहे होंगे. निश्चित है उन्हें कई जानकारियां मिली होंगी और उन्होंने इस आधार पर कई विकल्प भी तैयार किये होंगे. सबसे बड़ा प्रश्न होगा कि कहाँ जाएँ: कोटा , दिल्ली, हैदराबाद या पटना . आईये इस प्रश्न का विश्लेषण करें और अपनी उलझन को सुलझाने का प्रयत्न करें. इस प्रश्न का जवाब कई चीजों पर निर्भर करता है. ये हैं : टीचिंग स्टैण्डर्ड : सबसे पहली प्राथमिकता है पढाई. इस लिए इस प्रश्न का जवाब निश्चित रूप से इस पर अधिक निर्भर करेगा कि वह कौन सी जगह है जहाँ की पढाई सर्वोत्तम है. इसमें कोई संदेह नहीं कि कोटा में पढाई अच्छी है पर य...
कहते हैं कि परीक्षा का समय जिंदगी के कठिनतम समयों में से एक होता है. यह समय अत्यधिक सूचनाओं को अवशोषित करने का तनाव लाता है. इतना ही नहीं अभिभावकों के द्वारा बनाये के दवाब का सामना भी करना पड़ता है. हर समय यह सुनना कि यह परीक्षा तुम्हारी जिंदगी की दिशा और दशा तय करेगा, यह बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षा है, और न जाने क्या क्या निश्चित रूप से तनाव को बढ़ता ही है. पर अब आपकी परीक्षा समाप्त हो चुकी है. इसका अर्थ है कि अब आप रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे होंगे. परन्तु रिजल्ट आने में लगभग डेढ़ महीने यानी छह हफ्ते यानी पैंतालिश दिन अर्थात 1080 घंटे या यूँ कहें कि 64800 मिनट 3888000 सेकंड बाकी हैं. अब प्रश्न यह है कि आप इतने समय को कैसे उपयोग में लाएंगे? इस सन्दर्भ में हमने फिजिक्स गुरु इ० एस ० मिश्रा से बातचीत की. आईये आपको बताते हैं कि उन्होंने इस प्रश्न का क्या उत्तर दिया. Er S Mishra Renowned Physics Teacher for IIT JEE and Medical Entrance Exam रिजल्ट की चिंता छोड़ें : आप अपने समय को चाहे जैसे भी व्...